Home Uncategorized रतलाम की हर गली से आवाज आयेगी…. चिट्ठी न कोई संदेश,जाने वो कोनसा देश जहां तुम चले गए

रतलाम की हर गली से आवाज आयेगी…. चिट्ठी न कोई संदेश,जाने वो कोनसा देश जहां तुम चले गए

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रतलाम की हर गली से आवाज आयेगी…. चिट्ठी न कोई संदेश,जाने वो कोनसा देश जहां तुम चले गए

रतलाम.शहर के प्रसिद्ध लेखक, चिंतक, कवि, ज्योतिषि एवं साहित्यकार प्रोफेसर अज़हर हाशमी के निधन के से शहर में शोक की लहर छा गई। रतलाम की हर एक गली से आवाज आ रही है चिट्ठी न कोई संदेश जाने वो कोनसा देश जहां तुम चले गए । हासमी के निधन पर भाजपा नेताओं ने इन्द्रा नगर स्थित प्रोफेसर हाशमी के निवास पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। मंत्री चेतन्य काश्यप की ओर से मनोहर पोरवाल, बजरंग पुरोहित, जयवंत कोठारी, सोना शर्मा, मणिलाल जैन ने श्रद्धांजलि दी। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय और महापौर प्रहलाद पटेल ने प्रोफेसर हाशमी के निवास पर श्रद्धांजलि देते हुए गहरा शोक व्यक्त किया। इस दौरान अन्य राजनैतिक एवं प्रशासनिक अधिकारी सहित प्रोफेसर हाशमी के विद्यार्थीगण उपस्थित रहे। प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने रतलाम के प्रसिद्ध चिंतक, लेखक, कवि, ज्योतिषि और साहित्यकार प्रोफेसर अज़हर हाशमी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। काश्यप ने कहा कि हिंदी के साहित्यकार, मालवा के गौरव, गीतों के राजकुमार प्रो. अज़हर हाशमी जी के अवसान के साथ साहित्य जगत के एक युग का अंत हो गया। हाशमी जी से रतलाम की पहचान थी। वे गहन अध्येता, लेखक, चिंतक और रचनाकार तो थे ही, एक सहज, सरल, मिलनसार व्यक्तित्व के धनी भी थे। उनकी रचनाओं को पूरे देश ने सम्मान प्रदान किया। कवि सम्मेलनों के सफल संचालन से लेकर कई पीढ़ियों के रचनाकारों के साथ कविता पाठ का गौरव उन्हें हासिल था। हर धर्म के नीति सिद्धांत उनकी ज़ुबान पर थे । प्रोफेसर हाशमी का निधन रतलाम ही नहीं मध्यप्रदेश की अपूरणीय क्षति है। 

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